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अपने ही कार्यकर्ताओं के लिए तेजस्वी ने बंद कर लिए दरवाजे- रितू

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की बागी नेता और पूर्व प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष रितु जायसवाल ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामते ही प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर करारा हमला बोला है। बीजेपी में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने राजद की आंतरिक कार्यप्रणाली और सांगठनिक कमियों को खुलकर उजागर किया। उन्होंने कहा कि राजद में आज जो नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच दूरी बनी है, वही पार्टी के इस चुनावी हश्र और कम सीटों पर सिमटने की सबसे बड़ी वजह है।रितु ने तेजस्वी यादव को उनके पिता लालू प्रसाद यादव के दौर की याद दिलाते हुए कहा कि लालू जी में यह अद्भुत गुण था कि वह दूर-दराज से आए गरीब-गुरबा और आम कार्यकर्ताओं को गले लगाते थे, लेकिन आज राजद के दरवाजे अपने ही कार्यकर्ताओं के लिए बंद हो चुके हैं।

उन्होंने तेजस्वी यादव से सीधे सवाल किया कि आप कैसे नेता हैं, जिन्हें यह भी पता नहीं चलता कि जनता आखिर क्या चाहती है? नेता को हमेशा अपने कार्यकर्ताओं की आवाज सुननी चाहिए, उनके दिल की बात को समझना चाहिए और उन्हें पूरा सम्मान देना चाहिए। अगर नेतृत्व अपने जमीनी कार्यकर्ताओं की कद्र नहीं करेगा, तो परिणाम ऐसे ही भुगतने होंगे। जब पत्रकारों ने रितु जायसवाल से उनके और तेजस्वी यादव के पुराने पारिवारिक रिश्तों को लेकर सवाल किया और पूछा कि उन्होंने कभी तेजस्वी को भाई मानकर कलाई पर राखी बांधी थी, तो इस पर उन्होंने तीखा तंज कसा। रितु ने कहा कि तेजस्वी तो सिर्फ उनके मुंहबोले भाई थे, लेकिन रोहिणी आचार्या तो उनकी अपनी सगी बहन थीं, आखिर उनके साथ क्या हुआ? उन्होंने इशारों-इशारों में पूछा कि रोहिणी में ऐसी क्या कमी रह गई थी जो उनके साथ ऐसा व्यवहार हुआ। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद राबड़ी देवी के आवास पर तेजस्वी और रोहिणी के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद रोहिणी को वहां से जाने के लिए कह दिया गया था। रोहिणी ने आरोप लगाया था कि जब उन्होंने हार के कारणों में तेजस्वी के सलाहकार संजय यादव का नाम लिया, तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।

रितु जायसवाल ने स्पष्ट किया कि वह बागी नहीं हुई हैं, बल्कि उन्होंने परिहार विधानसभा क्षेत्र की जनता और उन 65 हजार से अधिक मतदाताओं की भावना का सम्मान किया है जिन्होंने उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में वोट दिया। उन्होंने कहा कि बात सिर्फ चुनाव के टिकट की नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के स्वाभिमान की है। राजद के गलत फैसलों के कारण ही परिहार सीट पर उनकी पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार तीसरे नंबर पर चला गया।बीजेपी की सदस्यता लेने के कारणों पर बात करते हुए रितु जायसवाल ने कहा कि वह अब एक ऐसी विचारधारा से जुड़ रही हैं जहां राष्ट्रहित सर्वाेपरि है। उन्होंने प्रधानमंत्री के मूल मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और अंत्योदय की भावना की सराहना करते हुए कहा कि समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए इससे बेहतर कोई और राजनीतिक मंच नहीं हो सकता था।

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