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भ्रष्टाचार और अवैध कमीशन मामले में कारोबारी ढेबर को मिली अंतरिम जमानत

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (सीएसएमसीएल) से जुड़े भ्रष्टाचार और अवैध कमीशन गिरोह के मामले में कारोबारी अनवर ढेबर को बुधवार को अंतरिम जमानत दे दी। सीजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने जमानत की शर्त के तौर पर ढेबर को छत्तीसगढ़ से बाहर रहने और मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद होने का निर्देश दिया। ढेबर को यह भी निर्देश दिया कि अंतरिम जमानत मिलने के बाद वह जहां रहेंगे, उस पते का विवरण कोर्ट को उपलब्ध कराएं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 13 मई को ढेबर की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि आरोप राज्य संचालित निगम के भीतर ‘‘गहरे और व्यवस्थित भ्रष्टाचार के नेटवर्क’’ की ओर संकेत करते हैं। उच्च न्यायालय ने कहा था कि सार्वजनिक धन से जुड़े आर्थिक अपराधों को अधिक गंभीरता से देखा जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि गहरी साजिश और बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन की हानि से जुड़े आर्थिक अपराध गंभीर प्रकृति के होते हैं और इनका असर पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जांच के दौरान एकत्र सामग्री से प्रथम दृष्टया यह संकेत मिलता है कि मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों को उनके वैध बिलों और बकाये का भुगतान जारी कराने के लिए अवैध कमीशन देने के लिए मजबूर किया जाता था। 

अभियोजन पक्ष के मुताबिक सीएसएमसीएल के अंदर एक संगठित व्यवस्था संचालित की जा रही थी जिसके तहत मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों से बिलों के भुगतान के बदले कमीशन वसूला जाता था और यह धन बिचौलियों के माध्यम से आगे पहुंचाया जाता था।

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