Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

स्कोडा की नई रणनीति, काइलैक से सीएनजी और ईवी में बदलाव

 नई दिल्ली। स्कोडा आटो इंडिया की कॉम्पैक्ट एसयूवी काइलैक ब्रांड के विकास का प्रमुख आधार बन चुकी है। 2025 की शुरुआत में लॉन्च होने के बाद काइलैक की बिक्री 50,000 यूनिट से अधिक हो चुकी है और 2026 में भी इसी गति के बनाए रखने की संभावना है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, काइलैक अब कंपनी की कुल बिक्री में लगभग 60 फीसदी योगदान देती है।

समूह स्तर पर स्कोडा आटो वोक्सवेगन इंडिया की कुल बिक्री में इस श्रेणी का 40 फीसदी हिस्सा है। कंपनी फैक्टरी-फिटेड सीएनजी मॉडल पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट का लगभग 20 फीसदी हिस्सा पहले से ही सीएनजी पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि थर्ड-पार्टी रेट्रोफिट के विकल्प पर विचार नहीं किया जाएगा और कोई भी सीएनजी पेशकश फैक्टरी में तैयार होगी। हालांकि लॉन्च की सटीक समय-सीमा नहीं बताई गई, लेकिन संकेत दिए गए हैं कि सीएनजी वेरिएंट जल्द ही उपलब्ध हो सकता है।

ईवी के मामले में कंपनी सतर्क दृष्टिकोण अपनाए हुए है। उनका कहना है  भारत में मुख्य खिलाड़ी बनने के लिए ईवी पोर्टफोलियो आवश्यक है। फोकस भारत में बनी ईवी पर है, जिसमें निर्यात की संभावना भी शामिल है। यूरोपीय ईवी का सीमित आयात रणनीतिक रूप से उपयुक्त नहीं माना जा रहा है। आगामी कॉर्पाेरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी फेज-3 मानदंड उत्सर्जन लक्ष्यों को कड़ा करेंगे। ऐसे में सीएनजी और ईवी में विस्तार अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि व्यापक बाजार वाली श्रेणियों में बिक्री बढ़ने पर उत्सर्जन संतुलन के लिए आवश्यक बन गया है।

Comments (0)

Leave a Comment