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वकीलों पर भड़के सीजेआई

नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने बुधवार को सर्वाेच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान स्थगन की मांग कर रहे जूनियर वकीलों को कड़ी नसीहत देते हुए न्यायपालिका में कर्तव्यनिष्ठा और दक्षता के महत्व पर जोर दिया। एक अभूतपूर्व घटनाक्रम में, सीजेआई ने स्पष्ट रूप से कहा कि न्यायाधीश जनता के पैसे से वेतन पाते हैं, और इसलिए वे काम न करने का कोई बहाना नहीं बना सकते। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस समय अदालत में कोई पूर्ण अवकाश नहीं चल रहा है, बल्कि आंशिक कार्यदिवस जारी हैं, और ऐसे में सुनवाई को टालना उचित नहीं है।

यह मामला तब सामने आया जब एक याचिकाकर्ता और प्रतिवादी की ओर से पेश हुए दो जूनियर वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ से मामले को टालने का अनुरोध किया। वकीलों ने दलील दी कि उनके सीनियर वकील इस समय उपलब्ध नहीं हैं, और इसलिए इस मामले की सुनवाई 13 जुलाई को कोर्ट के आंशिक कार्यदिवसों के समाप्त होने के बाद की जानी चाहिए। यह अनुरोध अदालती कामकाज में अक्सर देखी जाने वाली एक सामान्य प्रक्रिया थी, लेकिन इस बार सीजेआई सूर्यकांत का रुख कुछ और ही था। जूनियर वकीलों के इस अनुरोध को सिरे से खारिज करते हुए, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपनी नाराजगी व्यक्त की और एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा, आप लोग स्वतंत्र पेशेवर हैं। लेकिन हमें जो वेतन मिलता है, अगर हम काम नहीं करेंगे तो उसे कैसे सही ठहराएंगे? कल को कोई भी यह सवाल उठा देगा कि जज काम नहीं कर रहे हैं और आंशिक कार्यदिवसों का भी आनंद ले रहे हैं। इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? सीजेआई के इन शब्दों ने अदालत कक्ष में एक गहन चुप्पी ला दी और न्यायपालिका के कामकाज के प्रति उनकी गंभीर प्रतिबद्धता को उजागर किया।

उनका यह बयान न केवल वकीलों के लिए एक सबक था, बल्कि यह न्यायपालिका के प्रति जनता के भरोसे और उम्मीदों को भी दर्शाता था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने जूनियर वकीलों की स्थगन की मांग को नामंजूर करते हुए स्पष्ट किया कि अदालत इस मामले की सुनवाई अगले ही दिन यानी गुरुवार को करेगी। यह निर्णय न्याय के त्वरित निष्पादन और लंबित मामलों के बोझ को कम करने की न्यायपालिका की इच्छा को दर्शाता है।

किसने कहा छुट्टियां हैं?

सुनवाई के दौरान एक अन्य वकील ने भी अदालत के वेकेशन पर होने का हवाला देते हुए मामले को टालने की मांग की। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने बेहद कड़ा रुख अपनाया और वकील को याद दिलाया कि बुधवार को भी अदालत की पांच पीठें पूरी तरह सक्रिय थीं। उन्होंने वकील को टोकते हुए कहा, यहां कोई छुट्टियां नहीं हैं। किसने कहा कि यह वेकेशन है? कोर्ट की पांच बेंच आज काम कर रही हैं। मेरे साथ नौ अन्य न्यायाधीश भी आज काम में जुटे हुए हैं।

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