Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी के भारत दौरे से आएगी रिश्तों में नई गति

नई दिल्ली। भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिलने की संभावना है, क्योंकि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के प्रस्तावित भारत दौरे को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा हाल के राजनीतिक उतार-चढ़ाव से आगे बढ़ते हुए निवेश, ऊर्जा और व्यापार आधारित सहयोग के नए चरण की शुरुआत कर सकती है। पूर्व राजनयिक संजय कुमार वर्मा के अनुसार, आने वाले समय में दोनों देशों के संबंध व्यापार ढांचे, पूंजी प्रवाह, सप्लाई चेन और जनसंपर्क को मजबूत करने पर केंद्रित रहेंगे। दौरे के दौरान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के लिए संदर्भ शर्तों को अंतिम रूप दिया जा सकता है। 

व्यापार और निवेश पर फोकस

कनाडा में भारतीय दवाओं, डिजिटल सेवाओं, इंजीनियरिंग उत्पादों और पेट्रोलियम निर्यात के लिए अवसर बढ़ने की उम्मीद है। वहीं भारत, कनाडा से ऊर्जा, पोटाश, दालें, लकड़ी और कृषि तकनीक के आयात को बढ़ावा दे सकता है। कनाडाई निवेश पहले से ही भारत के बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में सक्रिय है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि व्यापारिक बाधाएं कम होती हैं, तो द्विपक्षीय व्यापार दोगुना हो सकता है। 

ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग

ऊर्जा क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन, यूरेनियम और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दे रहेंगे। इसके अलावा कृषि, विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिज, एयरोस्पेस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और हरित तकनीक जैसे क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर भी चर्चा हो सकती है। 

सुरक्षा और वैश्विक मंच

सुरक्षा सहयोग के तहत आतंकवाद, खालिस्तान से जुड़ी गतिविधियों और संगठित अपराध पर संयुक्त रणनीति पर विचार संभव है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सुधार और सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई जा सकती है। विश्लेषकों के मुताबिक, यह दौरा भारत-कनाडा संबंधों को अधिक संरचित, व्यावहारिक और दीर्घकालिक दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकता है। 

Comments (0)

Leave a Comment