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ब्रह्माकुमारीज का उद्देश्य मीडिया में सकारात्मकता परोसना

मूल्य एवं आध्यात्मिकता आधारित पत्रकारिता को बढ़ावा देकर मीडिया सुधार में सक्रिय भूमिका निभा रही ब्रह्माकुमारीज का उद्देश्य मीडिया में सकारात्मकता परोसना है। जिसके लिए नैतिकतायुक्त रिपोर्टिंग और आध्यात्मिक ज्ञान का समावेश पत्रकारों को कराना ही इस संस्था का लक्ष्य है, ताकि हिंसा या नकारात्मकता के बजाय शांति, एकता और चारित्रिक विकास को बल मिल सके। इसीलिए पत्रकारों और मीडियाकर्मियों के लिए मीडिया और ध्यान जैसे आध्यात्मिक सेमिनार, कार्यशाला और सम्मेलन ब्रह्माकुमारीज द्वारा समय समय पर आयोजित किए जाते हैं, जो पत्रकारिता में तनावमुक्त कार्य वातावरण और सत्य पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करते हैं।यह संस्था प्रिंट, टीवी, रेडियो और डिजिटल मीडिया को जिम्मेदार और सकारात्मक सामग्री प्रसारित करने के लिए न सिर्फ प्रेरित करती है,बल्कि पत्रकारों का मार्गदर्शन भी करती है। ब्रह्माकुमारीज का उद्देश्य समाधान-आधारित मीडिया को बढ़ावा देना है, जो समस्याओं को उजागर करने के साथ-साथ उनके आध्यात्मिक समाधान भी प्रस्तुत करता है। मीडिया के माध्यम से आध्यात्मिक जागरण के जरिए पत्रकारों के आंतरिक सशक्तिकरण पर जोर दिया जाता है, जिससे उनके कार्य में ईमानदारी और निष्पक्षता आए।ब्रह्माकुमारीज का मीडिया विंग प्रभाग, मीडिया को केवल सूचना का साधन नहीं मानता, बल्कि समाज के नैतिक उत्थान का माध्यम भी मीडिया बने इसके लिए वह काम कर रहा है। ब्रह्माकुमारीज़ और पत्रकारों के कार्यों से जो शांति,एकता व विश्वास का प्रकाश इन मीडिया सेमिनारों के माध्यम से निकलता है, वही देश और समाज को मजबूत करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।ब्रह्माकुमारीज की सोच है कि आज दुनिया के सामने जो चुनौतियां हैं, उनका समाधान निकालने के लिए पत्रकारों को आगे आना चाहिए। मीडिया के माध्यम में जो आप परोसते हैं, लोग उसे ही सच मानते हैं।इस सच की विश्वसनीयता बनी रहे, इसके लिए प्रिंट मीडिया से लेकर, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व डिजिटल मीडिया पर आमजन की आशा जमी है। पत्रकार भी आबू आकर मानते है कि ब्रह्माकुमारीज़ अच्छे सामाजिक कार्य कर रही है। जिसका साधारण व्यक्ति में बदलाव लाने का यह एक बड़ा योगदान है। ब्रह्माकुमारीज की इन मीडिया सेमिनारों में पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर भी विचार मंथन होता है,ब्रह्माकुमारीज का मानना है कि यदि मीडिया में विश्वसनीयता नहीं रहेगी तो लोग  मीडिया पर विश्वास भी नहीं करेंगे। इन प्रतिकूल हालात के पीछे  अखबारों में पेड न्यूज़ का छपना ,अखबारों में गेट कीपिंग का चलन आदि शामिल है। लेकिन सोशल मीडिया में गलत खबर चेक करने का साधन नहीं होने के कारण आज सोशल मीडिया बेलगाम है। इसके लिए आत्म नियंत्रण की जरूरत पर ब्रह्माकुमारीज बल देती रही है।

तभी तो आज से देशभर के चुनिंदा पत्रकारो,मीडिया प्राध्यापको व संस्थान प्रमुखों के माध्यम से मीडिया की वर्तमान दशा व दिशा पर चिंतन के लिए

माउंट आबू का ब्रह्माकुमारीज ज्ञान सरोवर राष्ट्रीय मीडिया सेमिनार रूपी यज्ञ रच रहा है। जिसमे पत्रकारों को आध्यात्मिकता से जोड़कर उनके चारित्रिक उत्थान के लिए व स्वस्थ व सुखी समाज की पुनः स्थापना के लिए सार्थक पहल की गई है।ब्रह्माकुमारीज में मीडियाविंग के चेयरपर्सन बीके करुणा भाई की इस मीडिया सेमिनार रूपी यज्ञ के आयोजन में नेतृत्व भूमिका है।वे मानते है कि मीडिया  अपनी सार्थक जिम्मेदारी निभा रहा है और मीडिया का राष्ट्रीय व सामाजिक सरोकारों को आमजन के सामने लाने में  अहम योगदान है। ब्रह्माकुमारीज संस्थान पिछले 27 वर्षों से पत्रकारिता को आध्यात्मिकता से जोड़कर देश विदेश के पत्रकारों को मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता के लिए प्रशिक्षित करता रहा है। स्वस्थ और सुखी समाज के लिए आध्यात्मिक सशक्तिकरण रूमीडिया की भूमिकाविषय पर ब्रह्माकुमारीज संस्था का यह राष्ट्रीय सेमिनार आयोजन 30 अप्रैल से 4 मई तक माउंट आबू के आनंद सरोवर में चल रहा है।

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