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पूर्व आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद बिहार की सियासत में हलचल

पटना। पुलिस द्वारा पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास की गिरफ्तारी के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इस मामले पर जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेज प्रताप यादव की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। तेज प्रताप ने न केवल पुलिसिया कार्रवाई का समर्थन किया है, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का बचाव करते हुए अमिताभ दास के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद करार दिया है। शुक्रवार की शाम पटना पुलिस ने अमिताभ दास को उनके आवास से गिरफ्तार किया। उन पर नीट छात्रा मौत मामले में सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि अमिताभ दास बिना किसी तथ्य के किसी के भी बारे में अल्ल-बल्ल बोलते रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई बहुत पहले हो जानी चाहिए थी। मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप ने कहा, अमिताभ दास गलत बयानबाजी करने के आदी हो चुके हैं। किसी भी व्यक्ति को दूसरे के बारे में बोलने से पहले सोचना चाहिए। कुछ समय पहले उन्होंने मेरे बारे में भी ऐसी बातें कही थीं जिनका कोई आधार नहीं था। अब जिस तरह से वे निशांत कुमार को लेकर टिप्पणी कर रहे हैं, वह सरासर गलत है। निशांत कुमार का पक्ष लेते हुए उन्होंने आगे कहा, निशांत को हम व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। वह एक बेहद सुलझे हुए व्यक्ति हैं और एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वे मुख्यमंत्री के पुत्र हैं और समाज में उनकी अपनी एक साफ-सुथरी छवि है। उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

तेज प्रताप यादव ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई को देर आए दुरुस्त आए बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों को समाज में भ्रम फैलाने का कोई अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव खुद भी अमिताभ दास के खिलाफ सचिवालय थाने में एफआईआर दर्ज करा चुके हैं। दरअसल, अमिताभ दास ने एक इंटरव्यू में तेज प्रताप की निजी जिंदगी और उनकी शादियों को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिससे वे काफी आहत थे। बता दें कि 1994 बैच के अधिकारी रहे अमिताभ दास अपनी विवादित कार्यशैली के लिए हमेशा चर्चा में रहे हैं। साल 2018 में सरकार ने उन्हें अनफिट करार देते हुए जबरन रिटायर कर दिया था। रिटायरमेंट के बाद वे विभिन्न संगठनों के माध्यम से सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर सक्रिय थे, लेकिन नीट मामले में मुख्यमंत्री के पुत्र का नाम घसीटना उन्हें भारी पड़ गया। वर्तमान में पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

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